संदेश

दर

आज ८/मई २०२४ है आज मुझको  एकअजीब सा डर लग रहा है मुझको लग रहा कोई मुझको गलत चीज में फसाना चाहता है कोई रसूख दार इंसान अपना

सर के लिए

 कुछ ऐसी हल चल चल रही मन में इक नन्ही सी जिम्मेदारी आरारही जीवन में उस जननी के दर्द का अहसास है मुझको बढ़ने वाली है जिम्मेदारी याद है मुझको  मेरी आंखों में पानी है पर दिल से मुस्कुरा हूं मैं अपने बाग में फूल खिलने का सुकून पारहा हूं मैं अपनी खुशी में गाए जा रहा हूं मैं  असमंजस में हूं कि प्रसाद मे क्या मिलेगा लड़की फूल सी या लड़का फाओलाद होगा पर जो भी हो वो मेरी आओलाद होगा उसके साथ में फिर से जी जाऊंगा एक सांस में जिंदगी को पी जाऊंगा

Revolutions में भारत

 पुर्तगालियों ने मसालों से  पैसा कमाया अंग्रेजों ने अपनी कॉलोनी बनाया  आज़ादी पाकर हो मस्त आतंक वादियों से लड़ने में थे व्यस्त एग्रेनियन इकोनॉमी बनकर थे मस्त यू ही गुजर गुजर गए 2 रिवोल्यूशन तीसरे से सुधरी कंडीशन  कंप्यूटर की आई क्रांति सर्विस सेक्टर खड़ा कर मिली शान्ति एंटर प्रिनियर शिप का अब आया कल्चर भारत आयेगा इसमें उभरकर  साथमिला ai रोबोटिक्स का रंगीला होगया 8भारत अपना सा  अब भारत बदल रहा विश्व पटल पे छाने को मचल रहा 

हुमा

भारतीयों पर जब आती आफत भारत सरकार ने दी उनको राहत राष्ट्र हित है सबसे ऊपर रेस्क्यू ऑपरेशन में सुपर डूपर हर कोने में पहुंच जाता भारत भारतीयों को बचा लाता भारत  राष्ट्र जहित है इसको सर्वो परी गुटनिरपेक्ष इसकी राह बड़ी  पूरा विश्व खंगालती भारत सरकार जहां होती परेशान थींe उसका करती उपचार  रूस यूक्रेन के बीच गंगा बहाई शांति सर्वोपरि बंद करो लडाई  साउथ सूडान में भी पहुचाई शांति शांति से आएगी क्रांति चाह मसला हो रूस यूक्रेन का  या हो इजराइल फिलिस्तीन का हल बातचीत से निकलेगा हल  चाहे वो दिन हो आज या कल बापू ने हमको जगाया अहिंसा का मार्ग सिखाया 

देश की पुकार

 ये है देश प्यारा ये है jag से न्यारा  इसकी जीडीपी ग्रोथ कमाल डिप्लोमेसी मचाए धमाल इसे पाकिस्तान न बनाओ  ये है देश प्यारा ये है जग से न्यारा हर धर्म को ये अपनाता धर्म निरपेक्ष ये कहलाता इससे खालिस्तान न बनाओ ये है देश प्यारा ये है जग से न्यारा  हर सोच यहां पलती गली नुक्कड़ में ढलती  इसे कब्रिस्तान न बनाओ वे है देश प्यारा ये है जग से न्यारा यहां पाई जाए हर भाषा हर बोली खेले लोग बाग साथ में होली इसे हिंदुस्तान ही बनाओ 
 चार साल पूर्व प्रधानमंत्री ने बोला था अपने दुश्मनों को भारत घर में घुस कर मारेगा उस समय भारत की ताकत का अंदाजा नही था। पर भारत ने जी 20 का समित्त  सफलता पूर्वक आयोजित तथा संपन्न करवाकर अपनी कूटनीति का लोहा मनवाया तथा वर्ल्ड डिप्लोमेसी में भी अपनी श्रेष्ठता सिद्ध की

बंधु

 युग की कुछ ऐसी ख्याति छाए अखबार चैनल अपने पास बुलाए नाम का पर्यायवाची बस जीत हो गलती से ना कोई डीफीट हो एक्स संस्कार में इसका नही कोई सानी अंगद को भी इसने हराने की ठानी  दादा,पपका नाम करे रोशन नानई दादी को है अति लुभावन  बंधु नाना का राज दुलारा बंधु लगे सबसे प्यारा  याद जब इसकी आजाये बुआका मन गदगद हो जाए रोना बंधु की अजब पहेली सिया दीदी बंधु की पक्की सहेली p