बंधु

 युग की कुछ ऐसी ख्याति छाए

अखबार चैनल अपने पास बुलाए

नाम का पर्यायवाची बस जीत हो

गलती से ना कोई डीफीट हो एक्स

संस्कार में इसका नही कोई सानी

अंगद को भी इसने हराने की ठानी 

दादा,पपका नाम करे रोशन

नानई दादी को है अति लुभावन 

बंधु नाना का राज दुलारा

बंधु लगे सबसे प्यारा 

याद जब इसकी आजाये बुआका मन गदगद हो जाए

रोना बंधु की अजब पहेली सिया दीदी बंधु की पक्की सहेली p


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