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मार्च, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

Holi hai

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 होली है रंगों की अजीब जुगलबंदी             लाल पीला हरा या नारंगी.    हर चहरे पर भाता  भाई हर मुखड़े की व्हाट लगाई  रंगों की ये गोली आई रे आई आई  होली पकवान मिठाई नमकीन की बोली आई रे आई आई होली तैयारी कुछ दिन पहले चालू चाहें हो गुजिया सेव  रसगुल्ले या चिप्स आलू आई  रे आई आई होली कुछ सूखा त्यौहार मनाते कुछ  पानी से हुडदंग मचाते  कोई तो नसेड़ी हो जाता रंग मिठाई गुलाल  में खुदको पाता  जिनका इनसे मन नहीं भरा   मादक चीजों के पीछे पड़ा रंगों की है ये टोली  आई रे आई आई होली कही किसी के कपडे फटते एक दूजे से लड़ मरते किसी के गाल,हाथ कटे   कपड़े खेल खेल मे फटे कोई दोस्तों से घिरा  कीचड़ में कोई गिरा  किसी  की रंगी चोली आई रे आई आई  होली

Hum

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मद होश हुआ ये मन तुमको पाकर, धड़क गया ये दिल करीब तेरे आकर  तुझसे मिलना हुआ रब की बड़ी दुआ,  जब तुझको छुआ जाग उठा एक एक रुआ तुझसे मिलकर कुछ ऐसा हुआ.        चाहता मेरा मन तुझमें बसना तुझ संग जोर खूब हसना पास आए  हम तेरे बदौलत तूही तो है बस मेरी दौलत रब से बस एक ही फरियाद हर पल रहूं बस बनके अब तेरी याद  मिल कर तुझसे मैं खिल जाऊ शक्कर मैं तू पानी तुझमें मिल जाऊ साथ हमारा ना कभी छूटे रिश्ता ये अपना ना कभी टूटे रहना हमको एक दूजे के पास हर दम एक दूजे के बस यही आस मुसीबत के पल साथ काटे एक दूजे से एक रोटी भी बांटे जो  नुक्कड़ नाटक  है अधूरा तेरे होने से हो गया पूरा
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आस

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