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तेरी पायल की झंकार याद आती मुझ को हर बार जब छाए तेरा सूरर ओ मेरे हुजूर  मन है मेरा जो खाली  ऐ मेरे सवाली आकर  भर्दे इसको  जो है बस जिसको  रूबरू, तुझसे। होकर

हुस्न तेरा

नजर से नज़र जब मिल गई आपस में बात ये खुद से कह गई हुस्न ये तेरा मचल मुझसे ये तारीफ़ कहकर रोज तेरा दीदार करना ठंडी ठंडी आहें भरना सोनी मेरी चॉइस कितनी कोयल की मीठी वॉइस जितनी जीभरके उसका दीदार कर लू भाहों में उसको भहर लू  हुस्न ये तेरा देख कर मुझसे ये तारीफ़ कहकर तुझमें ही खो जाऊं बाहों तेरी सो जाऊं