तेरी पायल की झंकार

याद आती मुझ को हर बार

जब छाए तेरा सूरर


ओ मेरे हुजूर 

मन है मेरा जो खाली 

ऐ मेरे सवाली

आकर  भर्दे इसको 

जो है बस जिसको 

रूबरू, तुझसे। होकर

















































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