संदेश

हाड़ी रानी

 एक था राजा एक थी रानी हाड़ा राजा हाड़ी रानी  इनकी थी अलबेली कहानी थोड़ी प्यार की थोड़ी त्याग की  प्यार के चर्चे कॉमन थे  और रानी के रूप यौवन के  राजा मेवाड़ की फौज में था सरदार  रानी का उस पर चढ़ा ऐसा खुमार   वो भूल गया राजा का रूप नया कार्य में उसका मन ना लागे रानी की ओर हर पल भागे लड़ाई से लगा वो पल्ला झाड़ने तब मेवाड़ लगा था हारने जोरदार था रानी का नूर  कर्तव्य पथ को राजा गया भूल राजा की राहें टेडी मेडी बन गई खूसूरती पैरों की बेड़ी रानी ने जानी राजा की व्यथा Tejpratap कह र हा कथा रानी ने राजा। को दूत भेजा कटा सिर मेरा साथ लेजा राजा की आंखे रह गई खुली कर्तव्य मार्ग की फिर राह चुनी

ताऊ, ते

गलती से हो गई मेरी शादी लाइसेंस मिल गया आबादी बढ़ाने का दहेज़ में मिला बादाम, पिस्ता बारात लाए लेकर रिक्शा सरकार का ऐसा फ़रमान आया शादी में बस 50 लोगों को बुला पाया गुस्से में मेरा ताऊ आया जब शादी में नहीं बुलाया ताऊ के आगे ते लगाया अरब सागर में तूफ़ान मचाया ताऊ से मैंने माफी मांगी जल्दी होगी बन्द तूफान और आंधी  

अजी जन

 एक बात तुमको बतानी 57 की क्रांति की एक कहानी  अजी जन था उसका नाम  तवायफ वाला करती काम क्रांति का भाव उसमे जगा हवा जितना तेज़ उसका घोड़ा भगा क्रान्तिकारियो का संदेश पहुंचाना घायलों की देखरेख कर पाना उत्साह क्रांति कारियो का बढ़ना यही था उसका काम नहीं थाय उसको आराम Í

सदी की महामारी

हर १०0 साल में  महामारी आती लोगों में वो फैल। जती  1720 में ब्लैक प्लेग आया पूरे यूरोप में कोहराम मचाया 1820 के आस पास हैजा आया पूरा ऐशिया इससे घब राया 1920 तक स्पेनिश फ्लु आया इससे होने वाली मौतो का क्लू भी ना मिल पाया 2020 में कोरोना आया अभी तक पड़ रहा इसका साया हर सदी की यही कहानी कोई तो महामारी है आनी

हिटलर

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 बनना चाहता था जो पेंटर बन बैठा वो ताना शाह हिटलर तानाशाह का उसको मिला क्राउन   प्यार था उसका इवा ब्राउन       यहूदियों से उसको नफ़रत सामूहिक नरसंहार जैसी की हरकत कहता विश्व मानचित्र पे जर्मनी का झण्डा फहराऊंघा जर्मनी को विश्वविजेता बनाऊंगा सपना था जो वो पीछे छूट गया मौत से उसकी अब वो टूट गया जर्मनी कि हार ने सब ध्वस्त कर दिया आत्महत्या के मार्ग पर उसको प्रशस्त कर दिया अन्त समय जब उसका आया मौत से कुछ ऐसे घभराया कंधे उसके झुक गए लचलते कदम रुक गए क्रूरता की लिखीं ऐसी इबारत  नाम जैसे कोई कहावत

का

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समय बदला अंदाज़ बदला पतियों का नाम भी बदला पहले होते थे पति परमेश्वर जैसे हो एकदम इश्वर          पतिपर्मेशर बन गया पति बदल गई उनकी गति पति नाम का हो गया एं ड पिक्चर में आया हसबैंड जैसे ही बीवी के सिर का रबर बैंड समय आया 21 वीं सदी का मौसम आया हबी का जैसे हो गेंद कोई रग्बी का किसी की भावनाओं को आहत करना मेरा मकसद नहीं हैं

महारथी कर्ण

सूर्यपुत्र जिसको जाना सूत पुत्र उसको माना कुन्ती ने जिसको नकारा लोगों ने उसको धिक्कारा राधा ने अपना बेटा बनाया कर्ण को मां का आंचल पाया दुर्योधन ने राजा बनाया मित्रता का हाथ बढ़ाया भुला सब धर्म अधर्म मित्रता ही उसके लिए परम धर्म अधरम का दिया उसने साथ एक महारथी का होगया नाश  किसी की भावनाओं को आहत करना मेरा मकसद नहीं है।