अजी जन

 एक बात तुमको बतानी

57 की क्रांति की एक कहानी 

अजी जन था उसका नाम 

तवायफ वाला करती काम

क्रांति का भाव उसमे जगा

हवा जितना तेज़ उसका घोड़ा भगा

क्रान्तिकारियो का संदेश पहुंचाना

घायलों की देखरेख कर पाना

उत्साह क्रांति कारियो का बढ़ना

यही था उसका काम

नहीं थाय उसको आराम







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