Jin dgi

 राह ये तेरी उस पर ये दोपहरी


होगयामेरी ये कहानी उस पर ये  नादानी ये गाती राह नथे जाती

उड़ना सी खा फिर से

जीना सीखा दिल से

कुछ राह ऐसी चुनी किस्मत के ताने बाने में बुनी


हो गया मुझसे प्यार फिर भी मै नागवार


जब सामान खुद को पाया

कदमों को बाहर घर से पाया

रंग दिखा गीत जिंदगी


छीलकर में हर खुशी

निभा ही मुझसे बंदगी

साथ मेरा दिया रबने

वक्त ये लगा सुधरने


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