जौहर

 राव रतन के बच्चों की महतारी

होती पद्मावती प्यारी

ख़ूबसूरती में नहीं कोई सानी

खिलजी ने झलक पाने की ठानी

सब ने खूबसूरत माना

खिलजी उसको चाहे पाना

चित्तौड़गढ़ पर कर दी चढ़ाई

राव रतन से छेड़ दी लड़ाई

खिलजी का हार जाना मुश्किल था

उससे जीत पाना नामुमकिन था

खिलजी कर रहा मनमानी

क्षत्राणी बन गई पटरानी 

चित्तौड़ के राजपूतों ने पाई वीरगति

ज्वाला ने सुनाई जौहर की आपबीती 


नोट:किसी की भावनाओं को आहत करना मेरा मकसद नहीं 
























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