बजरंग बली

 मिजाज मेरा सतरंगी

अंदाज मेरा अतरंगी

नाम मेरा बजरंगी

नाम से मेरे भूत भागे

राक्षस भी डर के भागे

सुग्रीव को राम से मिलाया

राजपाठ उसको दि लाया

रावण की लंका जलाई

लक्ष्मण की जान बचाई

राम सिया दिल में बस ते 

सीना चीर दिखा दिया हैं हंसते हंसते

  ऐसे हैं वीर हनुमान

खुदपर ना जरा भी अभि मान

आम समझ चाहे सूरज खाना

रामजी के लिए महासागर लांघ जाना

संकट मोचक कृपा निधान

जय जय जय महावीर हनुमान
















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