Hum

मद होश हुआ ये मन तुमको पाकर,

धड़क गया ये दिल करीब तेरे आकर 

तुझसे मिलना हुआ रब की बड़ी दुआ, 

जब तुझको छुआ जाग उठा एक एक रुआ

तुझसे मिलकर कुछ ऐसा हुआ.       



चाहता मेरा मन तुझमें बसना

तुझ संग जोर खूब हसना

पास आए  हम तेरे बदौलत

तूही तो है बस मेरी दौलत

रब से बस एक ही फरियाद

हर पल रहूं बस बनके अब तेरी याद

 मिल कर तुझसे मैं खिल जाऊ

शक्कर मैं तू पानी तुझमें मिल जाऊ

साथ हमारा ना कभी छूटे

रिश्ता ये अपना ना कभी टूटे

रहना हमको एक दूजे के पास

हर दम एक दूजे के बस यही आस


मुसीबत के पल साथ काटे

एक दूजे से एक रोटी भी बांटे

जो  नुक्कड़ नाटक  है अधूरा

तेरे होने से हो गया पूरा






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