जब से तुझको देखा
जब से तुझको जाना
मैंने जिंदगी को जाना
इसको पहचाना
तुझ पे ही तो चलती
तुझपे ही ढलती
 ये जो जिंदगी मेरी
आ चले संग थोड़ी दूर

मुलाजिम बन गई तेरी
मोड़ जिस ता साथ जाना
बस तक बस तेरा ही हो जाना



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